बगदाद/काज़िमिया
इराक़ की राजधानी बगदाद के काज़िमिया क्षेत्र में इमाम मूसा अल-काज़िम(अलैहिस्सलाम) की शहादत की बरसी के अवसर पर ज़ायरीनों का अभूतपूर्व सैलाब उमड़ पड़ा। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस वर्ष की ज़ियारत में 15 मिलियन (1.5 करोड़) से अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की, जिससे यह आयोजन हाल के वर्षों का सबसे बड़ा धार्मिक जमावड़ा बन गया।

25 रजब को आयोजित इस महान ज़ियारत के लिए देश-विदेश से लाखों ज़ायरीन पैदल यात्रा करते हुए काज़िमिया पहुंचे। इमाम मूसा अल-काज़िम(अ.स.) के पवित्र रौज़े पर श्रद्धालुओं ने ज़ियारत कर दुआएँ मांगीं और अपनी आस्था को नई ऊर्जा प्रदान की।

इतनी विशाल भीड़ के बावजूद, काज़िमिया शहर में बेहद प्रभावशाली प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। इराक़ी सुरक्षा बलों ने बहु-स्तरीय चेकपॉइंट्स, ट्रैफिक नियंत्रण और निगरानी प्रणाली लागू की, जबकि स्थानीय प्रशासन और हज़ारों स्वयंसेवकों ने ज़ायरीनों के लिए भोजन, ठहरने और चिकित्सा सुविधाओं की व्यापक व्यवस्था की।

अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षकों के अनुसार, यह आयोजन धार्मिक सहिष्णुता, अनुशासन और सामाजिक एकता का सशक्त उदाहरण है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह ज़ियारत कर्बला की अरबईन के बाद इराक़ का दूसरा सबसे बड़ा वार्षिक धार्मिक आयोजन बन चुकी है।
इस ऐतिहासिक उपस्थिति ने एक बार फिर बगदाद और काज़िमिया को वैश्विक धार्मिक पर्यटन के नक्शे पर एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित कर दिया है।

