नगराम(लखनऊ) : नगराम की सरज़मीं उस वक़्त ख़ामोशी से भी ज़्यादा बोल रही थी, जब सालाना मजलिस-ए-अज़ा में क़ुरआन की आयतें, कर्बला के मसायब और बुज़ुर्गों की याद एक साथ…