वक्फ करबला कब्रिस्तान बचाने के लिए हर जुमेरात और जुमा को अंजुमन अब्बासिया नगराम का नेक और क्रांतिकारी अभियान बना प्रदेश में मिसाल

नगराम टाइम्स ब्यूरो

लखनऊ (नगराम): नगराम के नवजवानों ने वक्फ करबला कब्रिस्तान की हिफ़ाज़त और बेहतरी के लिए एक नया अभियान शुरू किया है। इस अभियान का मकसद है कि हर जुमेरात और जुमा को कब्रिस्तान में तिलावत, नव्हा, मातम और साफ-सफाई की जाए, ताकि यह पवित्र स्थल भू माफियाओं और वक्फ खोरों के अवैध कब्जे से महफूज़ रह सके। अंजुमन अब्बासिया के तहत इस नए क्रांतिकारी अभियान की शुरुआत की गई है, जिसका उद्देश्य शहीदाने करबला की याद को जिंदा रखना और कब्रिस्तान में मुर्दों के इसाले सवाब के लिए तिलावत के साथ उसकी देखभाल को एक नियमित प्रक्रिया बनाना है।

माना जाता है कि नगराम में ताजिया दफन करने के बाद लोग साल भर तक करबला नहीं जाते, और जब कोई मरहूम दफन किया जाता है, तो 40वें और बरसी के बाद लोग कब्रिस्तान का रुख करना छोड़ देते हैं। इसका फायदा उठाकर वक्फ खोर और भू माफिया इन पवित्र स्थलों पर कब्जा करने की कोशिश करते हैं। इसी वजह से नगराम के नवजवानों ने इस नेक पहल की शुरुआत की है।

अंजुमन अब्बासिया का नेक इरादा

अंजुमन अब्बासिया की अगुवाई में इस नए अभियान ने कब्रिस्तान की हिफाज़त और उसकी रूहानी फिज़ा को बरकरार रखने का बीड़ा उठाया है। हर हफ्ते जुमेरात और जुमा के दिन कब्रिस्तान में तिलावत-ए-कुरान, नव्हा, मातम और साफ-सफाई की जाएगी। इसका मकसद यह है कि लोग अपने मरहूमीन को याद रखें और करबला की याद को ताजा करते हुए कब्रिस्तान की देखभाल करें।

कब्रिस्तान पर कब्जों का खतरा

नगराम के करबला कब्रिस्तान पर कई बार भू माफियाओं द्वारा कब्जा करने की कोशिश की गई है। लोगों का कहना है कि जब कब्रिस्तान वीरान पड़ा होता है, तो वक्फ खोर और माफिया इसका फायदा उठाते हैं। अब अंजुमन अब्बासिया की इस मुहिम के बाद उम्मीद है कि कब्रिस्तान की नियमित देखभाल और वहां की रूहानी गतिविधियां कब्जों को रोकने में मदद करेंगी।

क्रांति का आगाज

इस नई क्रांति के तहत, नगराम के नवजवान और बुजुर्ग सभी इस नेक कार्य में शरीक हो रहे हैं। हर जुमेरात और जुमा को तिलावत-ए-कुरान और नव्हा-ओ-मातम की आवाज़ें कब्रिस्तान की फिज़ा को महका रही हैं। यह केवल एक धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि इस्लामिक उसूलों और सामाजिक जिम्मेदारी का हिस्सा भी है। कब्रिस्तान की साफ-सफाई का काम भी नियमित तौर पर किया जा रहा है, ताकि यह पवित्र स्थल एक बार फिर से अपनी शान में वापस आ सके।

नवजवानों का संदेश

अंजुमन अब्बासिया के नवजवानों का कहना है, “अगर हमें वक्फ की संपत्तियों को भू माफियाओं और कब्जों से बचाना है, तो हमें अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। यह कब्रिस्तान हमारे बुजुर्गों और शहीदाने करबला की निशानी है, जिसकी हिफाजत हमारी फर्ज है।”

नगराम के इस नए अभियान ने न सिर्फ लोगों को उनकी जिम्मेदारी की याद दिलाई है, बल्कि कब्रिस्तान की सुरक्षा और उसकी पवित्रता को बनाए रखने के लिए एक नया रास्ता भी दिखाया है।

उम्मीद है कि यह मुहिम पूरे प्रदेश में एक मिसाल बनेगी और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा के लिए अन्य जगहों पर भी ऐसे कदम उठाए जाएंगे।

अल्लाह इस नेक कार्य में शामिल सभी लोगों को बुलंदी और बरकत अता करे।

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